This occasion encourages us to make profound connections with our inner selves, which promotes spiritual development and peace. This holy year reminds us the core of devotion will be the purity of our hearts as well as the sincerity of our prayers.
फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की get more info उपस्थिति का प्रतीक है।
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
DeshRangila works by using cookies to improve your experience with our website. To learn more, see our Privacy Plan. For those who decline, your info won’t be tracked when you visit this Web-site apart from only one cookie. For those who continue on to implement This web site We'll assume that you'll be satisfied with it.AcceptNo
कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।
* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।